राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (Rashtriya Krishi Vikas Yojana – RKVY), जिसे अब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के रूप में पुनः ब्रांडेड किया गया है, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में आधुनिक तकनीक अपनाने और राज्यों को लचीलापन देने वाली भारत सरकार की प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजना है।
सितंबर 2026 में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 राज्यों को PM-RKVY के तहत ₹1,200 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति सौंपी है, जिससे योजना की गति और महत्व और बढ़ गया है।
इस ब्लॉग में आप जानेंगे:
- RKVY/PM-RKVY क्या है और इसके उद्देश्य
- 2026 में नए अपडेट और बजट
- पात्रता, लाभ और सब-स्कीम्स
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (स्टेप बाय स्टेप)
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
RKVY / PM-RKVY क्या है?
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) 2007 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे 3 अक्टूबर 2024 को PM-RKVY के रूप में रीब्रांड किया गया और कुल बजट ₹57,074.72 करोड़ आवंटित किया गया।
यह योजना राज्यों को कृषि और संबंधित क्षेत्रों (बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि) में अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार परियोजनाएं बनाने की लचीलापन (flexibility) देती है।
मुख्य उद्देश्य
- किसानों की आय में वृद्धि
- कृषि उत्पादकता और मूल्य श्रृंखला (value chain) का विकास
- प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा
- नवाचार, स्टार्टअप और एग्री-बिज़नेस इकोसिस्टम को मजबूत करना
- राज्य और जिला स्तर पर कृषि योजना (SAP & DAP) को प्रभावी बनाना
2026 के ताज़ा अपडेट (Latest News)
- सितंबर 2026: केंद्र ने 10 राज्यों (पश्चिम बंगाल, हरियाणा, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब) को ₹1,200 करोड़+ की स्वीकृति दी। Rashtriya Krishi Vikas Yojana राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
- कृषि मंत्री ने “Team Agriculture” की अवधारणा पेश की और राज्यों के साथ मासिक वर्चुअल रिव्यू मीटिंग शुरू करने की घोषणा की।
- सरकार PM-RKVY और कृषोन्नति योजना को एक छतरी योजना (umbrella scheme) में मर्ज करने का प्रस्ताव ला रही है, ताकि राज्यों को और अधिक लचीलापन मिले।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्यों से RKVY फंड का पूरा उपयोग, नवाचार, प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण परियोजनाओं पर जोर देने को कहा गया है।
योजना के प्रमुख घटक (Components)
PM-RKVY कई उप-योजनाओं और पहलों को कवर करता है, जिनमें शामिल हैं:
- RKVY-RAFTAAR (Agri Business Incubation) – स्टार्टअप और इनोवेशन को ग्रांट
- SMAM (कृषि यांत्रिकीकरण) – किसानों को सब्सिडी पर मशीनें
- Soil Health Card – मिट्टी स्वास्थ्य परीक्षण और उर्वरक प्रबंधन
- Rainfed Area Development – वर्षा आधारित खेती वाले क्षेत्रों का विकास
- PKVY (पारंपरिक कृषि विकास योजना) – ऑर्गेनिक/प्राकृतिक खेती
- Per Drop More Crop – सूक्ष्म सिंचाई और जल दक्षता
पात्रता (Eligibility) – कौन आवेदन कर सकता है?
राज्यों के लिए
- राज्य को कृषि और सहयोगी सेवाओं पर अपना खर्च बनाए रखना या बढ़ाना होता है।
- State Agriculture Plan (SAP) और District Agriculture Plan (DAP) तैयार करना अनिवार्य है।
किसानों / एग्री-स्टार्टअप के लिए (R-ABI / RAFTAAR)
- आयु: 18–60 वर्ष
- पात्र: व्यक्तिगत किसान, FPOs, एग्री-उद्यमी, सहकारी समितियां, कंपनी/फर्म
- व्यवसाय कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन या संबंधित क्षेत्र में होना चाहिए।
- स्टार्टअप रजिस्टर्ड इकाई (proprietorship/partnership/company/cooperative) होनी चाहिए।
लाभ (Benefits) – किसानों और स्टार्टअप को क्या मिलता है?
- एग्री-स्टार्टअप ग्रांट:
- शुरुआती स्तर पर ₹5 लाख तक (90% ग्रांट + 10% स्वयं का योगदान)
- कुछ श्रेणियों में ₹5–25 लाख तक की ग्रांट सहायता
- सब्सिडी पर कृषि मशीनें और उपकरण (SMAM के तहत)
- मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड और उर्वरक सलाह
- वर्षा आधारित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास
- ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रमाणन और वित्तीय सहायता
- जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के लिए फंड
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step)
1. स्टेट एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट / जिला कृषि कार्यालय से संपर्क
- अपने जिले के कृषि विभाग या State Agriculture Portal पर सक्रिय RKVY/PM-RKVY परियोजनाएं चेक करें।
2. दस्तावेज़ तैयार करें
आमतौर पर जरूरी दस्तावेज़:
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण (IFSC सहित)
- भूमि/खेती संबंधी रिकॉर्ड (खतौनी, खसरा आदि)
- प्रोजेक्ट प्रस्ताव / बिजनेस प्लान (स्टार्टअप के लिए)
- रजिस्ट्रेशन दस्तावेज़ (FPO/कंपनी/सहकारी के लिए)
3. एग्री-स्टार्टअप (R-ABI) के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया
- Incubator चुनें:
- आधिकारिक सूची से nearest RKVY-RAFTAAR Agri Business Incubator (R-ABI) चुनें।
- पोर्टल: agristartup.gov.in
- प्रस्ताव तैयार करें:
- बिजनेस आइडिया, इनोवेशन, टारगेट मार्केट, वित्तीय विवरण
- ऑनलाइन जमा करें और पिच दें:
- शॉर्टलिस्ट होने पर एक्सपर्ट कमेटी के सामने पिचिंग
- स्वीकृति और ऑनबोर्डिंग:
- इनक्यूबेटर आपका प्रस्ताव मंत्रालय को भेजता है
- फंड डिस्बर्समेंट:
- ग्रांट माइलस्टोन के आधार पर ट्रांच में जारी होता है
4. राज्य / जिला परियोजनाओं के लिए
- प्रोजेक्ट प्रस्ताव State Agriculture Department या SFAC (Small Farmers Agri-Business Consortium) के माध्यम से जमा करें।
- सत्यापन और अनुमोदन के बाद फंड जारी किया जाता है महत्वपूर्ण लिंक (Official Portals)
- RKVY आधिकारिक पोर्टल: https://rkvy.da.gov.in[rkvy.da.gov][rkvy.da.gov]
- एग्री-स्टार्टअप (R-ABI): https://agristartup.gov.in
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय: https://agricoop.nic.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. RKVY और PM-RKVY में क्या अंतर है?
RKVY को 2024 में PM-RKVY के रूप में रीब्रांड किया गया और बजट बढ़ाकर ₹57,074.72 करोड़ किया गया, लेकिन मूल उद्देश्य वही हैं।
Q2. क्या कोई सीधा ऑनलाइन फॉर्म है जिससे किसान आवेदन कर सके?
किसान सीधे राष्ट्रीय स्तर के फॉर्म से नहीं, बल्कि राज्य/जिला कृषि विभाग या R-ABI पोर्टल (स्टार्टअप के लिए) के माध्यम से जुड़ी परियोजनाओं में भाग लेते हैं।
Q3. स्टार्टअप को कितनी ग्रांट मिल सकती है?
शुरुआती स्तर पर ₹5 लाख तक (90% ग्रांट) और कुछ श्रेणियों में ₹5–25 लाख तक की ग्रांट सहायता उपलब्ध है।
Q4. क्या केवल किसान ही आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, FPOs, एग्री-उद्यमी, कंपनियां, सहकारी समितियां और स्टार्टअप भी पात्र हैं, बशर्ते वे कृषि या संबंधित क्षेत्र में काम कर रहे हों।
Q5. 2026 में कितने राज्यों को फंड मिला है?
सितंबर 2026 में 10 राज्यों को ₹1,200 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई है।
निष्कर्ष
PM-RKVY (राष्ट्रीय कृषि विकास योजना) किसानों, FPOs और एग्री-स्टार्टअप के लिए एक मजबूत मंच है, जो वित्तीय सहायता, तकनीकी समर्थन और बाजार लिंकेज प्रदान करता है। 2026 में बढ़े हुए बजट और नए “Team Agriculture” मॉडल के साथ, यह योजना कृषि क्षेत्र में नवाचार और आय वृद्धि के लिए और अधिक प्रासंगिक हो गई है
यदि आप किसान, एग्री-उद्यमी या स्टार्टअप हैं, तो अपने नजदीकी कृषि विभाग या R-ABI इनक्यूबेटर से संपर्क करें और PM-RKVY के तहत उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं।
नोट: यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के लिए है। आधिकारिक दिशा-निर्देश और पात्रता के लिए हमेशा rkvy.da.gov.in और अपने राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट चेक करें
